सात साल से भारत नहीं जीता कोई ICC ट्रॉफी, आज ही के दिन धोनी सेना ने रचा था इतिहास...
आज का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार है। 23 जून 2013 यानी ठीक सात साल पहले धोनी की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। यह दूसरा मौका था जब भारतीय रनबांकुरों ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को अपने नाम किया हो, इससे पहले 2002 में भारत को मेजबान श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता का तमगा मिला था।
धोनी तीनों आईसीसी चैंपियनशिप जीतने वाले पहले कप्तान
फाइनल में मेजबान इंग्लैंड को पांच रन से हराते हुए महेंद्र सिंह धोनी तीन आईसीसी वर्ल्ड टाइटल्स जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बने थे। माही 2007 में टी-20 विश्वकप और साल 2011 में 28 साल बाद 50 ओवर्स फॉर्मेट का विश्व कप भी भारत को दिला चुके थे।
इंग्लैंड ने जीता टॉस, भारत की खराब शुरुआत
बारिश के कारण मैच को 20-20 ओवर का कर दिया गया था। खिताबी मुकाबले में टॉस जीतकर इंग्लैंड ने गेंदबाजी का फैसला लिया। इस निर्णय उस वक्त सफल होते नजर आया जब चौथे ओवर में रोहित शर्मा और नौवें ओवर में शिखर धवन भी आउट हो गए। महज 50 रन के कुलयोग पर टीम अपने दोनों सलामी बल्लेबाज खो चुकी थी। अगले 16 रन के भीतर आधी भारतीय टीम पवेलियन में बैठी थी।
कोहली और जडेजा ने संभाली भारतीय पारी
दिनेश कार्तिक, सुरेश रैना और कप्तान धोनी के फेल होने के बाद टीम की बागडोर युवा कोहली और जडेजा ने संभाली। छठे विकेट के लिए दोनों के बीच 47 रन की साझेदारी हुई। इस तरह भारत जैसे-तैसे 20 ओवर्स में 7 विकेट खोकर 129 रन बनाने में सफल रहा। विराट कोहली ने 34 गेंदों पर 4 चौकों और 1 छक्के की मदद से सर्वाधिक 43 रन बनाए। रवींद्र जडेजा ने सिर्फ 25 गेंदों पर 2 चौकों और इतने ही छ्क्कों की मदद से 33 रन जोड़े। टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे शिखर धवन ने 31 रन बनाए।
130 रन के जवाब में इंग्लैंड को शुरुआती झटके
इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और उमेश यादव ने दूसरे ही ओवर में कप्तान एलिस्टेयर कुक को 2 रन निजी स्कोर पर अश्विन के हाथों कैच आउट कराकर भारत को जोरदार शुरुआत दिलाई, फिर अश्विन और जडेजा की फिरकी का जादू चला। इयान बेल (13), जो रूट (7) और जोनाथन ट्रॉट (20) सस्ते में आउट हो गए। रवि बोपारा और इयोन मॉर्गन ने पांचवें विकेट के लिए 64 रन जोड़कर धोनी सेना की मुश्किल बढ़ा दी, लेकिन 18वें ओवर में इशांत शर्मा ने कमाल कर दिया।
आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रन की दरकार
एक वक्त लग रहा था कि इंग्लैंड आसानी से यह फाइनल जीत लेगी। 16 गेंदों पर महज 20 रन की दरकार थी और दोनों अंग्रेज बल्लेबाज क्रीज पर टिक चुके थे। तभी इशांत शर्मा ने दो गेंदों में लगातार दो विकेट लेकर मैच ही पलट दिया। पहले इयोन मॉर्गन (सर्वाधिक 33 रन) आउट हुए फिर अगली ही गेंद पर रवि बोपारा (30) चलते बने। अब आखिरी छह गेंदों पर इंग्लैंड को जीत के लिए 15 रन की जरूरत थी। यह ओवर फेंक रहे थे चतुर बॉलर अश्विन। पहली पांच गेंदों पर नौ रन ही आए बने। अंतिम गेंद पर जीत के लिए छह रन बनाने थे, लेकिन ट्रेडवेल कोई रन नहीं बना सके और इस तरह पांच रन से भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की। इशांत, अश्विन और जडेजा ने 2-2 विकेट झटके। जडेजा 'मैन ऑफ द मैच' तो शिखर धवन को 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए।
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| ICC championship trophy 2013 |
धोनी तीनों आईसीसी चैंपियनशिप जीतने वाले पहले कप्तान
फाइनल में मेजबान इंग्लैंड को पांच रन से हराते हुए महेंद्र सिंह धोनी तीन आईसीसी वर्ल्ड टाइटल्स जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बने थे। माही 2007 में टी-20 विश्वकप और साल 2011 में 28 साल बाद 50 ओवर्स फॉर्मेट का विश्व कप भी भारत को दिला चुके थे।
इंग्लैंड ने जीता टॉस, भारत की खराब शुरुआत
बारिश के कारण मैच को 20-20 ओवर का कर दिया गया था। खिताबी मुकाबले में टॉस जीतकर इंग्लैंड ने गेंदबाजी का फैसला लिया। इस निर्णय उस वक्त सफल होते नजर आया जब चौथे ओवर में रोहित शर्मा और नौवें ओवर में शिखर धवन भी आउट हो गए। महज 50 रन के कुलयोग पर टीम अपने दोनों सलामी बल्लेबाज खो चुकी थी। अगले 16 रन के भीतर आधी भारतीय टीम पवेलियन में बैठी थी।
कोहली और जडेजा ने संभाली भारतीय पारी
दिनेश कार्तिक, सुरेश रैना और कप्तान धोनी के फेल होने के बाद टीम की बागडोर युवा कोहली और जडेजा ने संभाली। छठे विकेट के लिए दोनों के बीच 47 रन की साझेदारी हुई। इस तरह भारत जैसे-तैसे 20 ओवर्स में 7 विकेट खोकर 129 रन बनाने में सफल रहा। विराट कोहली ने 34 गेंदों पर 4 चौकों और 1 छक्के की मदद से सर्वाधिक 43 रन बनाए। रवींद्र जडेजा ने सिर्फ 25 गेंदों पर 2 चौकों और इतने ही छ्क्कों की मदद से 33 रन जोड़े। टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे शिखर धवन ने 31 रन बनाए।
130 रन के जवाब में इंग्लैंड को शुरुआती झटके
इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और उमेश यादव ने दूसरे ही ओवर में कप्तान एलिस्टेयर कुक को 2 रन निजी स्कोर पर अश्विन के हाथों कैच आउट कराकर भारत को जोरदार शुरुआत दिलाई, फिर अश्विन और जडेजा की फिरकी का जादू चला। इयान बेल (13), जो रूट (7) और जोनाथन ट्रॉट (20) सस्ते में आउट हो गए। रवि बोपारा और इयोन मॉर्गन ने पांचवें विकेट के लिए 64 रन जोड़कर धोनी सेना की मुश्किल बढ़ा दी, लेकिन 18वें ओवर में इशांत शर्मा ने कमाल कर दिया।
आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रन की दरकार
एक वक्त लग रहा था कि इंग्लैंड आसानी से यह फाइनल जीत लेगी। 16 गेंदों पर महज 20 रन की दरकार थी और दोनों अंग्रेज बल्लेबाज क्रीज पर टिक चुके थे। तभी इशांत शर्मा ने दो गेंदों में लगातार दो विकेट लेकर मैच ही पलट दिया। पहले इयोन मॉर्गन (सर्वाधिक 33 रन) आउट हुए फिर अगली ही गेंद पर रवि बोपारा (30) चलते बने। अब आखिरी छह गेंदों पर इंग्लैंड को जीत के लिए 15 रन की जरूरत थी। यह ओवर फेंक रहे थे चतुर बॉलर अश्विन। पहली पांच गेंदों पर नौ रन ही आए बने। अंतिम गेंद पर जीत के लिए छह रन बनाने थे, लेकिन ट्रेडवेल कोई रन नहीं बना सके और इस तरह पांच रन से भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की। इशांत, अश्विन और जडेजा ने 2-2 विकेट झटके। जडेजा 'मैन ऑफ द मैच' तो शिखर धवन को 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए।

