Breaking
Naini News

Sushant Rajput in Uttarakhand: सुशांत सिंह राजपूत की उत्तराखंड से जुड़ी कुछ यादें. साथी कलाकारों ने कही ये बातें...

Sushant Rajput in Uttarakhand: सुशांत सिंह राजपूत की उत्तराखंड से जुड़ी कुछ यादें. साथी कलाकारों ने कही ये बातें...


बॉलीवुड फिल्म स्टार सुशांत सिंह राजपूत अब हमारे बीच नहीं रहे. लेकिन हम आपको बताते हैं उनकी उत्तराखंड में बनी एक फिल्म के बारे में जिसके बाद वे विवादों में तो रहे ही, लेकिन इसके बाद वह काफी चर्चित भी हो गए. यह फिल्म थी साल 2018 में आई केदारनाथ.  सुशांत सिंह और सारा अली खान की इस फिल्म ने उस वक्त काफी सुर्खियां बंटोरी. फिल्म केदारनाथ का मामला इतना बढ़ गया था कि यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था.
Sushant Rajput in Uttarakhand: सुशांत सिंह राजपूत की उत्तराखंड से जुड़ी कुछ यादें.
सुशांत सिंह राजपूत की यह फिल्म साल 2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ में आई आपदा पर बनी थी. कुछ लोगों का आरोप था कि फिल्म उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपराओं को ताक पर रखकर बनी है. याचिकाकर्ता स्वामी दर्शन भारती कहना था कि फिल्म के निर्माता अभिषेक कपूर ने केदारनाथ में आई आपदा को लव जिहाद से जोड़कर आस्था और विश्वास पर कुठाराघात किया है. हालांकि विवादों के बीच घिरी यह फिल्म बाद में कुछ सिनेमाघरों में रिलीज हुई. इस फिल्म को लोगों ने इसे खूब पसंद किया. आपको बता दें कि साल 2013 में आई केदारनाथ आपदा इतनी भयानक थी कि हजारों तीर्थयात्रियों को काल के मुंह में ले गई थी. बड़े पर्दे पर इसमें दिखाए गए दृश्य को देखना भी काफी भयावह था. 
Sushant Rajput in Uttarakhand: सुशांत सिंह राजपूत की उत्तराखंड से जुड़ी कुछ यादें.
इस फिल्म की पूरी शूटिंग उत्तराखंड में ही हुई थी. इस फिल्म में उत्तराखंड के ही दो बाल कलाकार भी थे. फिल्म केदारनाथ के निर्माण में उत्तराखंड के ही करीब 250 लोगों ने काम भी किया था. आपको बता दें कि यह फिल्म स्थानीय लोगों को रोजगार देने के मामले में भी खरी साबित हुई थी. जानकारी के अनुसार, एक माह की शूटिंग में फिल्म पर लगभग नौ करोड़ रुपये खर्च हुए. जिसमें से लगभग तीन करोड़ रुपये फिल्म में काम करने वाले स्थानीय लोगों जैसे पोर्टर, घोड़ा-खच्चर संचालक और अन्य कारीगरों को दिए.
फिल्म केदारनाथ की टीम ने एक महीने तक केदार घाटी में केदारनाथ, त्रियुगीनारायण, गौरीकुंड, सोनप्रयाग और चोपता में शूटिंग की थी. इस दौरान त्रियुगीनारायण में केदारनाथ आपदा में पूरी तरह मिट चुका प्रमुख पड़ाव रामबाड़ा का सेट तैयार किया गया था. आपको बता दें कि आपदा में रामबाड़ा का नामोनिशान मिट गया था. फिल्म से जुड़े लोगों ने बताया कि सुशांत शूटिंग के अलावा समय निकालकर देवभूमि की धार्मिक एवं पौराणिक परंपराओं को जानने की कोशिश करते थे. सुशांत को यहां की वादियां बेहद पसंद आई थीं. इसके अलावा भारतीय दिग्गज क्रिकेटर महेंद्र सिंह धौनी पर बनी फिल्म में भी सुशांत सिंह राजपूत के अभिनय को प्रदेशवासियों ने खासा पसंद किया था.

सुशांत की मौत से साथी कलाकारों को लगा झटका.

सुशांत की खुदकुशी की खबर से पूरे देश के लोग अवाक है. फिल्मी पर्दे पर उनके साथ स्क्रीन शेयर करने वाले कुमाऊं के सुनीता रजवार, बृजेंद्र काला भी सुशांत की मौत की खबर से काफी दुखी हैं.
Sushant Rajput in Uttarakhand: sunita rajwar
फिल्म केदारनाथ में सुशांत राजपूत के साथ काम कर चुकी सुनीता रजवार ने कहा कि पहले तो इस खबर पर यकीन ही नहीं हुआ, कि उस शख्स ने खुदकुशी कर ली जो फिल्म के सेट पर सबके चेहरे पर मुस्कान ले आता था. सुनीता ने बताया कि साल 2017 में हम पूरी यूनिट के साथ केदारनाथ में थे. उन्होंने बताया कि एक सीन में सुशांत को मुझे कंधे पर लगे डोके में पहाड़ियों के रास्ते से होते हुए मुख्य मंदिर तक ले जाना था. सुशांत पूरा शॉट खुद ही करता था. कभी थोड़ा सा भी दर्द मैंने उसकी आंखों या बॉडी लैंग्वेज में नहीं देखा. सुशांत काफी हंसमुख इंसान था. वह मुझे मेरे स्क्रीन के नाम 'दद्दो' से मुझे हमेशा चिढ़ाता रहता था.
उधर दूसरी तरफ हरिद्वार के रहने वाले लाइन प्रोड्यूसर शादाब केदारनाथ फिल्म के सेट को याद करते हुए भावुक हो गए. शादाब ने बताया कि उन्होंने सुशांत सर के साथ काफी मस्ती की, लगभग एक महीना उन्होंने उनके साथ काम किया. वो सभी को कहानियां सुनाते थे और उनके जोक्स तो क्लासिक होते थे. सेट पर हमेशा समय से आना और यूनिट के हर बंदे से हाल जानना उनकी खूबी थी. एक ऐसा बिंदास बंदा खुदकुशी जैसा कदम उठाएगा कभी कोई सोच भी नहीं सकता.
बृजेन्द्र काला
उत्तराखंड में रहने वाले मशहूर कलाकार बृजेंद्र काला भी सुशांत के निधन की खबर से काफी दुखी हैं. उन्होंने बताया कि सुशांत के साथ उन्होंने पीके और एमएस धोनी फिल्म में काम किया, लेकिन हमारी बात एमएस धोनी के समय ही हुई थी. उस दौरान ग्राउंड पर मैच चल रहा था और मैं कमेंट्री कर रहा था. कट के बाद सुशांत कुर्सी लेकर उनके पास आया और बोला आपके अभिनय को देखकर हम बड़े हुए हैं. बृजेन्द्र ने बताया कि हम दोनों जब भी समय मिलता था तो क्रिकेट खेला करते थे. मुझे अब तक यकीन नहीं हो रहा की टीवी का एक चमकता सितारा और इंडस्ट्री पर आकर स्टार बन जाना और अब ऐसा अंत. उन्होंने कहा कि काम की कमी होना सुशांत के आत्महत्या की वजह बिल्कुल नहीं हो सकती. ऐसे काबिल और मेहनती अभिनेता के लिए काम की इंडस्ट्री में कोई कमी नहीं है.
« Newer Older »