Jobs in Uttarakhand: पांच करोड़ के खर्च से हुई फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा. परिणाम जीरो, ब्लू टूथ से हुई नकल
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की पहली सबसे बड़ी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में कराने में करीब पांच करोड़ खर्च हो गए हैं. लेकिन फिलहाल भर्ती परीक्षा का नतीजा जीरो है. एसआईटी ने जांच में ब्लू टूथ से नकल कराने के मामले में 57 उम्मीदवारों में 31 की पहचान कर ली है, जिसमें अन्य 26 की पहचान नहीं हो पाई है. एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर चयन आयोग द्वारा निर्णय लिया जाएगा कि भर्ती परीक्षा निरस्त होगी या नहीं. शुरू से ही वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड के 1218 पदों की भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में रही है. आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा को लेकर सरकार द्वारा रोक लगाई गई थी. जिसके बाद नई नियमावली के तहत वन विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को दोबारा से शुरू किया गया. इन पदों के लिए वर्ष 2018 में 1.56 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किए. 16 फरवरी 2020 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई. चयन आयोग ने हरिद्वार व पौड़ी के कुछ परीक्षा केंद्रों नकल कराने की शिकायत पर 57 उम्मीदवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. एसआईटी की जांच में 31 उम्मीदवारों की पहचान कर ली गई. जबकि 26 उम्मीदवारों का पहचान नहीं हो पाई है, इसकी जांच जारी है.
जांच पूरी होने के बाद जल्द ही चयन आयोग जांच के आधार पर भर्ती परीक्षा को निरस्त करने या न करने पर फैसला लेगा. आपको बता दें कि फॉरेस्ट गार्ड से पहले भी कई भर्ती परीक्षाओं में धांधली के मामले सामने आ चुके हैं.
आयोग की ओर से फॉरेस्ट गार्ड भर्ती में नकल की आशंका पर हरिद्वार व पौड़ी में केस दर्ज किया गया था. इससे पहले भी जेई भर्ती में एक ही कोचिंग सेंटर से 66 उम्मीदवारों के चयन पर आयोग ने ही नकल की आशंका जता कर जांच कराई थी. फॉरेस्ट गार्ड भर्ती में एसआईटी की रिपोर्ट आयोग को मिली है. इस पर आयोग द्वारा शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा.
-संतोष बडोनी, सचिव चयन आयोग

